आज ही के दिन लहू था बिखरा पुलवामा की माटी में। आज ही के दिन लहू था बिखरा पुलवामा की माटी में।
व्यसन युक्त आज की युवा पीढ़ी हो नशा मुक्त... व्यसन युक्त आज की युवा पीढ़ी हो नशा मुक्त...
मैं अन्धकार में हूँ पर तुम्हारा भविष्य हूँ कल का कर्णधार हूँ पर आज अदृश्य हूँ मैं सपने सजोता हूँ फिर... मैं अन्धकार में हूँ पर तुम्हारा भविष्य हूँ कल का कर्णधार हूँ पर आज अदृश्य हूँ मै...
बचपन था तो जवानी एक ड्रीम थी जब जवान हुए तो बचपन एक ज़माना था... बचपन था तो जवानी एक ड्रीम थी जब जवान हुए तो बचपन एक ज़माना था...
क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि काश हम छोटे होते? क्या कभी अचानक से आपको वो पल याद आते हैं जब आपकी माँ ... क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि काश हम छोटे होते? क्या कभी अचानक से आपको वो पल याद ...
मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूबी निभाना तुम...! मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूब...